फैकल्टी विवरण

प्रोफेसर अनिल सौमित्र

प्रोफेसर अनिल सौमित्र, master iimcprofsaumitra@gmail.com
9425014260
डॉ. अनिल सौमित्र सूचना-प्रसारण मंत्रालय (भारत सरकार) की स्वायत्त ईकाई भारतीय जन संचार संस्थान में प्रोफेसर हैं। वर्तमान में आप संस्थान के पश्चिम क्षेत्रीय परिसर के निदेशक का दायित्व निर्वहन कर रहे हैं। 
 
संप्रति : बाह्य विशेषज्ञ, अध्ययन मंडल, जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी, एसजीटी विश्वविद्यालय, गुरूग्राम, हरियाणा
 
आप समाज विज्ञान और जनसंचार माध्यमों (मीडिया) के अध्येता हैं। वर्ष 1997 में भारतीय जनसंचार संस्थान (नई दिल्ली) से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा करने के बाद डा. सौमित्र ने वर्ष 1999 में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की उपाधि प्राप्त की l आपने वर्ष 2011 में गुरु जम्भेश्वर यूनीवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नालोजी से जनसंचार में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की उपाधि अर्जित की l आपने समाज विज्ञान के अंतर्गत समाजशास्त्र विषय में “जनसंचार माध्यमों की पहुँच, उदभासन और प्रभाव’ पर आचार्य राम गोपाल सिंह के मार्गदर्शन में विद्यावारिधि (पीएच.डी., वर्ष 2016) शोध-अध्ययन किया है। आप जनसंचार माध्यमों के भारतीयकरण, सामाजीकरण और सकारात्मकता के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत केन्द्रित समाज पुनर्रचना तथा एकात्म विकास के लिए भी आप प्रयत्नशील हैं । आप संवाद को समाधान का कौशल मानते हुए संचार की साधना में रत हैं l    
 
डॉ. अनिल सौमित्र सामाजिक कार्यकर्ता (कर्मशील), मीडिया एक्टिीविस्ट, अध्येता और संचारक के रूप में  सामाजिक-शैक्षणिक क्षेत्र में उत्प्रेरक की भूमिका का निर्वहन करते आ रहे हैं। इस दौरान आपने शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का यथासंभव परिपालन किया है। लोकोपयोगी विज्ञान संचार के लिए परंपरागत और आधुनिक सभी प्रकार के संचार माध्यमों का उपयोग करते हुए विज्ञान, विकास और मीडिया संबंधी प्रकाशनों में लेखन, संकलन और संपादन के साथ ही विभिन्न प्रकाशकीय दायित्वों का निर्वहन भी करते आ रहे हैं।
 
संचार व मीडिया प्रबंधन :
पूर्व में आपने प्रतिष्ठित आयोजनों - मीडिया महोत्सव व मीडिया चौपाल के राष्ट्रीय संयोजक, स्पंदन संस्थान के सचिव तथा स्पंदन फीचर्स वेब पोर्टल के संपादक की भूमिका का निर्वहन किया है l इसके साथ ही आपने विश्व संवाद केंद्र (मध्यप्रदेश) के प्रमुख, चरैवेति पत्रिका के संपादक,  साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य के विशेष संवाददाता के रूप में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संचार व मीडिया प्रबंधन का अनुभव किया है। विशेषज्ञ के रूप में विभिन्न मुद्दों पर रेडियो-टीवी के अनेक चैनल्स पर चर्चा और बहसों में भागीदारी की है। 
 
शासकीय उपक्रमों में सेवा :
आपने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् के जोनल समन्वयक, 
राज्य नि:शक्तजन स्रोत संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के
प्रभारी अधिकारी तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल के प्रभारी के रूप में शासकीय उपक्रमों में अकादमिक व प्रशासनिक सेवाएं दी हैं। 
 
प्रकाशन :
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित 100 से अधिक रचनायें (आलेख, फीचर रिपोर्ताज, साक्षात्कार आदि) “पूर्वाग्रह” के दो खण्डों में संकलित व प्रकाशित हैं l छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रन्थ अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक – ग्रामीण पत्रकारिता तथा विश्व संवाद केंद्र (भोपाल) द्वारा प्रकाशित ‘उत्सव मेरे प्राण’ एवं ‘तुष्टिकरण’ के साथ ही यश पब्लिकेशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा प्रकाशित और प्रो. संजय द्विवेदी द्वारा संपादित पुस्तक ‘ध्येय पथ’ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नौ दशक,  तरुण प्रकाशन द्वारा प्रकाशित डॉ. प्रवीण कुमार झा द्वारा संपादित पुस्तक ‘सोशल मीडिया : एक अध्ययन’ तथा डॉ. मुकर्जी स्मृति न्यास द्वारा प्रकाशित और डॉ. शिव शक्ति बक्सी द्वारा संपादित पुस्तक ‘युवाओं के दीनदयाल’ व श्री प्रभात झा द्वारा संपादित कमल सन्देश के विशेषांक ‘युवा भारत’ में डॉ. सौमित्र का लेखकीय योगदान विशेष उल्लेखनीय है l  
 
बच्चों के लिये "खेल-खिलौने' पुस्तक के साथ ही मासिक पत्रिका 'पंचमन',  न्यूज लेटर 'उदय',  साप्ताहिक फीचर 'स्पंदन फीचर्स' आदि के संपादन और अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रिपोर्टताज, आलेख और फीचर लेखन के साथ "स्पंदन फीचर्स डॉटकाम" का संचालन करते हुए विज्ञान संचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान किया
 
विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए डॉ सौमित्र ने ग्रामीण, अनुसूचित जाति-जनजाति, निःशक्तजन, युवा, बच्चों तथा महिला आदि विभिन्न वर्गों के लिए अनेक प्रयास किए हैं।  आपने परंपरागत और आधुनिक सभी प्रकार के संचार माध्यमों का उपयोग करते हुए विज्ञान, विकास और मीडिया के लोकव्यापीकरण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
 
डॉ. अनिल सौमित्र के संयोजकत्व में 2012 से प्रतिवर्ष देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित "राष्ट्रीय मीडिया चौपाल’’, वर्ष 2018 में भोपाल में आयोजित “मीडिया महोत्सव” और यूनिसेफ के सहयोग से वर्ष 2015 से  आयोजित “अंत:पांथिक संवाद” तथा वर्ष 2019 में आयोजित “प्रवक्ता संवाद” विशेष उल्लेखनीय है। मीडिया चौपाल और मीडिया महोत्सव के अंतर्गत देशभर के लेखक, स्तंभकार, ब्लॉगर और वेब संचालक विज्ञान और विकास संबंधी विभिन्न मुद्दों के लोकव्यापीकरण में मीडिया की भूमिका पर गंभीर विमर्श करते रहे हैं l  वर्ष 2004 में भारत सरकार द्वारा आयोजित वैज्ञानिक जागरुकता वर्ष में मध्यप्रदेश के जत्था गतिविधियों के राज्य संयोजक के रूप में आपने महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। इस दौरान आपके द्वारा मध्यप्रदेश के 48 जिलों में विज्ञान के विभिन्न पहलुओं और विषयों पर जागरुकता गतिविधियों (जत्था) का आयोजन किया गया।
 
प्रो. (डॉ.) अनिल सौमित्र
क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान, पश्चिम क्षेत्रीय केंद्र, अमरावती, महाराष्ट्र,भारत iimcprofsaumitra@gmail.com
 9425014260