घोषणाएँ
- - Call for Papers for the National Seminar titled "हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष: विरासत से नवाचार तक" organized by IIMC in collaboration with the ICHR (PDF, 74.37 KB)
- - शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए हॉस्टल (लड़कों और लड़कियों के लिए) में कमरों के आवंटन के संबंध में। (PDF, 158.62 KB)
- - एडमिशन नोटिस: लेटरल एंट्री (तीसरे सेमेस्टर) के लिए चुने गए उम्मीदवार – MA-CCBM और MA-NMC (2026–27) (PDF, 4.48 MB)
- - ICSSR द्वारा वित्तपोषित प्रोजेक्ट 2026 के तहत रिसर्च असिस्टेंट की नियुक्ति के लिए विज्ञापन (PDF, 172.3 KB)
- - प्रोग्राम प्रेजेंटर के पद के लिए विज्ञापन – नई दिल्ली (PDF, 212.26 KB)
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भारतीय जन संचार संस्थान
भारतीय जन संचार संस्थान, संचार को विकास के लिए एक जरूरी उपादान के रूप में देखता है और विश्वस्तरीय शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधानात्मक योगदान के द्वारा समाज की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संस्थान छात्रों, अधिकारियों और संचारकर्मियों को लगातार तेजी से आगे बढ़ रही दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। आईआईएमसी (IIMC) के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि ये प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासशील देशों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें। इस अर्थ में भारतीय जन संचार संस्थान जन संचार के अन्यान्य प्रशिक्षण संस्थानों की तुलना में एक अलग और विशिष्ट स्थान रखता है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की यह विशिष्टता, दुनिया भर में जिम्मेदार और प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे यहाँ के पूर्व छात्रों को एक विशिष्ट पहचान और चरित्र भी प्रदान करती है।

अनुसंधान
मास मीडिया और संचार का व्यवस्थित अध्ययन संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों का एक अभिन्न अंग रहा है। लक्षित आबादी के बीच जागरूकता पैदा करने और व्यवहार परिवर्तन के लिए तैनात किए गए मास मीडिया और संचार रणनीतियों और कार्यक्रमों की पहुंच और प्रभाव को समझने के लिए अनुसंधान प्रयासों को निर्देशित किया जाता है।
शैक्षणिक पाठ्यक्रम
आईआईएमसी का लक्ष्य सीखने और काम करने का गतिशील माहौल तैयार करना है, जो नए विचारों, रचनात्मकता, अनुसंधान और छात्रवृत्ति को बढ़ावा देता है और मीडिया और जन संचार के क्षेत्र में लीडर्स और इनोवेटर्स को तैयार करता है।

