एमए इन मीडिया एंड कम्युनिकेशन गवर्नेंस

  • अवधि : दो वर्ष
  • पाठ्यक्रम निदेशक : प्रो. (डॉ.) आनंद के. प्रधान
  • कुल सीटें : 40

तेजी से हो रहे तकनीकी परिवर्तन और निरंतर बदलते मीडिया परिदृश्य के दौर में मीडिया एवं संचार का गवर्नेंस सार्वजनिक नीति के सबसे महत्वपूर्ण और गतिशील क्षेत्रों में से एक के रूप में उभरा है। आईआईएमसी ढेंकनाल का एमए इन मीडिया एंड कम्युनिकेशन गवर्नेंस (एमए-एमसीजी) एक द्विवर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम है, जिसे इस चुनौतीपूर्ण और विकसित होते क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम मीडिया नीति विशेषज्ञों, संचार शोधकर्ताओं, नियामकीय पेशेवरों तथा गवर्नेंस के क्षेत्र में कार्य करने वाले भावी विशेषज्ञों की नई पीढ़ी को तैयार करने का उद्देश्य रखता है।

यह कार्यक्रम एक सुदृढ़ एवं अंतर्विषयी पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जो मीडिया एवं संचार क्षेत्र की जटिलताओं का समग्र अध्ययन करता है। इसके अंतर्गत मीडिया कानून, नियामक संस्थाएँ, आर्थिक संरचनाएँ, नैतिक ढाँचे तथा लोकतंत्र, विकास और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ मीडिया के बदलते संबंधों का विश्लेषण किया जाता है। भारतीय परिप्रेक्ष्य पर विशेष ध्यान देते हुए विद्यार्थियों को केस स्टडी, सिमुलेशन, नीति-अनुसंधान तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से वास्तविक गवर्नेंस संबंधी चुनौतियों से परिचित कराया जाता है।

चार सेमेस्टरों और 88 क्रेडिट में संरचित यह कार्यक्रम संचार सिद्धांत, संवैधानिक कानून, मीडिया नैतिकता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस, राजनीतिक संचार तथा वैश्विक मीडिया प्रणालियों जैसे विविध विषयों को समाहित करता है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है तथा इसमें लचीली प्रवेश एवं निकास व्यवस्था के साथ-साथ स्वयं (SWAYAM) ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के एकीकरण का प्रावधान भी है।

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन संस्थान आईआईएमसी ढेंकनाल के मीडिया एंड कम्युनिकेशन गवर्नेंस विभाग द्वारा संचालित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को मीडिया विनियमन, नीति-समर्थन (पॉलिसी एडवोकेसी), पत्रकारिता गवर्नेंस, जनसंचार, अनुसंधान तथा डिजिटल मीडिया गवर्नेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर निर्माण के लिए तैयार करता है।

पाठ्यक्रम के उद्देश्य

  • मीडिया एवं कम्युनिकेशन गवर्नेंस के क्षेत्र में ज्ञान और समझ का विस्तार करना।
  • उभरती हुई नियामकीय एवं गवर्नेंस संबंधी चुनौतियों पर अनुसंधान तथा नीति-निर्माण को प्रोत्साहित करना।
  • संचार पेशेवरों को मीडिया गवर्नेंस, कानूनों और विनियामक व्यवस्थाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करना।
  • शोधकर्ताओं, नीति-विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा प्रशासकों का एक सक्षम समूह तैयार करना।
  • संचार क्षेत्र में लोकतांत्रिक, समावेशी एवं नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस को बढ़ावा देना।