एमए (हेल्थ कम्युनिकेशन)
- अवधि : 2 वर्ष
- पाठ्यक्रम निदेशक : प्रो. (डॉ.) सुनेत्रा सेन नारायण
- कुल सीटें : 40
मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए) इन हेल्थ कम्युनिकेशन कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं संचार के क्षेत्र, उसकी भूमिका तथा राजनीति, समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था के साथ उसके अंतर्संबंधों की गहन एवं समालोचनात्मक समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य से जुड़े विविध मुद्दों के साथ-साथ संचार के मूलभूत आयामों का अध्ययन कराता है। इसका विशेष बल अंतर्विषयी एवं बहुविषयी दृष्टिकोण पर है, जिससे मीडिया एवं संचार के विभिन्न आयामों को स्वास्थ्य क्षेत्र की आवश्यकताओं और चुनौतियों के साथ जोड़ा जा सके। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के व्यापक उद्देश्यों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जाता है।
पाठ्यक्रम के उद्देश्य
- स्वास्थ्य संचार के क्षेत्र, उसके विकासक्रम तथा विभिन्न संचार रणनीतियों का वैचारिक एवं ऐतिहासिक परिचय प्रदान करना, जिसमें भारतीय परिप्रेक्ष्य पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं, संदेशों और विमर्शों के विश्लेषण तथा समालोचनात्मक मूल्यांकन की क्षमता विकसित करना।
- स्वास्थ्य नीति एवं स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने और उनका विश्लेषण करने हेतु वैचारिक रूपरेखाओं के अनुप्रयोग की क्षमता विकसित करना।
- हेल्थ कम्युनिकेशन के क्षेत्र में अनुसंधान संबंधी ज्ञान, कौशल और दक्षता का विकास करना।
- स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवश्यक विभिन्न संचार माध्यमों और विधाओं में दक्षता विकसित करना, जिसमें स्वास्थ्य पत्रकारिता, जन-जागरूकता अभियान तथा एडवोकेसी कम्युनिकेशन शामिल हैं।
- हेल्थ कम्युनिकेशन के क्षेत्र से जुड़े समकालीन मुद्दों, चुनौतियों और उभरते रुझानों की समझ विकसित करना।
- विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध विविध करियर अवसरों के लिए तैयार करना, जिनमें कंटेंट सृजन, स्वास्थ्य पत्रकारिता, विज्ञापन, जनसंपर्क, अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में प्रबंधन, तथा स्वास्थ्य उद्यमिता जैसे क्षेत्र शामिल हैं।


